These Parental Rules I Would Never Force On My Child

Growing up in an Indian family when you belong to this generation, is a struggle. Your beliefs, your manner, your culture, everything originates from your family. They want to be the start and end of everything and they’re as inquisitive as it gets. But what about all the other things that influence your life, that makes you want to be more free, more aloof, more independent?

Well we hide those away in crevices, hoping they won’t find them. And what really happens is that they ignore them, even your family refuses to acknowledge your unique personality. The personality you bring out in full form only infront of your friends. Instead they turn a blind eye and pretend you are still that 13 year old who believes in all the same things, still likes eating curd-rice and who watches Pokemon everyday.

Maybe as parents we’d change a few things around to let our kids be their real self, kick back their heels and let them freak out in life. Here is to my future kids,

1. Go to the mandir every year on your birthday

No, don’t go to the mandir, instead, go to a church, a mosque, practise Buddhism or simply sit at home and believe in karma. Don’t believe in religion if you don’t want to. All I really would ask of you is to believe in something bigger than yourself.
After all, you don’t get stamped with the religion you belong to at birth.

2. Celebrate Diwali/Holi/ Navratri
I don’t want you to celebrate festivals only celebrated by a particular religion. I want you to eat biryani on Eid, to play with colours on Holi, to eat sweets on Diwali, to dance to Dhol on Ganpati visarjan and keep out cookies and milk for Santa on Christmas. I want you to celebrate whatever you feel like celebrating, including the day India legalizes Gay Marriages.

3. Let another person walk by after a black cat crosses your path.
‘Don’t cut your nails on Thursday, don’t eat non veg on tuesday and thursday, don’t cut your hair on a saturday’, These are things I’d never tell you, because superstition is not something I ever want you to believe in. 

4. Don’t date until you are independent/ in your 20’s.


Date when you’re 14, because I did. Date because I want you to know what puppy love feels like, I want you to know the kind of relationship where the biggest deal is holding hands, I want you to know a time when flowers plucked from trees and chocolates are the most precious gifts. I want you to feel a love that doesn’t come from family.

5. Be an engineer, doctor, architect or lawyer.


No my future child, be a dancer, be a singer, be a writer or be a DJ. I don’t want you to have a degree in engineering, or build a tall skyscraper or perform an open heart surgery to be proud of you. I’ll be prouder if you do what your heart tells you to.

6. Study science.

Don’t study science, don’t start planning your future from the 10th standard. Do something bizarre that makes you happy, study sports psychology or major in film making or get a degree in philosophy. I just want you to gain as much knowledge as it takes for you to know right from wrong. 
7. Learn to cook/clean/ before marriage

Learn to cook, clean but not for your husband. Learn to cook to survive, learn to clean so that you don’t stumble and fall face first into a pile of your dirty laundry.

8. Don’t befriend strangers on your backpacking trip.
Go abroad, meet people, learn about experiences you’ve never had, aspire to make them happen for yourself, make acquaintances, make friends that last you a life time or even find your soulmate while soul searching. I trust you and your upbringing enough to know you will filter people, you will choose wisely, because you know better.

9. Roam around in underpants if you want to
Be free, be chill and roam around in your underwear, just be careful not to surprise our neighbours.

10. You can eat dessert before dinner/lunch

Eat a cookie before dinner or even scorch down an entire apple pie, just remember to eat your greens.

11. Tell me everything.
Don’t tell me everything. If I see you upset, I will ask because I care. But I won’t pressurize you, because I know you’ll come and tell me when you’re ready. So take your time and deal with your emotions, I’ll wait for you to come around.

12. You will live under my roof until you get married.
Go and live with your friends, go to college out of the city, get a job in a place you’ve always wanted to live in. I won’t force you to stay home, I won’t even push you out if you aren’t ready. I just want you to experience freedom and independence and become your own person. 

13. You should get married and have kids by 28

I won’t force you to marry if you don’t want to. I most definitely don’t want to find you a wife or husband that you haven’t fallen in love with. I won’t ask you to push out children, when you don’t like the idea of having kids. I don’t want you to lose bits of yourself to fulfill any of my desires or wishes.

All I want for you is that you can stand infront of me when you’re older and tell me everything you will do differently for your own children, because you’ve lived a life that’s taught you better.

Source - StoryPick

SAALI - AADHI GHARWALI.....?

शादी हुई ...
दोनों बहुत खुश थे..!
स्टेज पर फोटो सेशन शुरू हुआ..!
दूल्हे ने अपने दोस्तों का परिचय साथ
खड़ी अपनी साली से करवाया ~
"ये है मेरी साली, आधी घरवाली"
दोस्त ठहाका मारकर हंस दिए !
दुल्हन मुस्कुराई और अपने देवर का परिचय अपनी सहेलियो से करवाया ~
"ये हैं मेरे देवर.. आधे पति परमेश्वर"
ये क्या हुआ..?
अविश्वसनीय...
अकल्पनीय…!
भाई समान देवर के कान सुन्न हो गए…!
पति बेहोश होते होते बचा…!
दूल्हे, दूल्हे के दोस्तों, रिश्तेदारों सहित सबके चेहरे से मुस्कान गायब हो गयी…!
लक्ष्मन रेखा नाम का एक गमला अचानक स्टेज से नीचे टपक कर फूट गया…!
स्त्री की मर्यादा नाम की हेलोजन लाईट
भक्क से फ्यूज़ हो गयी…!
थोड़ी देर बाद एक एम्बुलेंस तेज़ी से सड़कों पर भागती जा रही थी…!
जिसमे दो स्ट्रेचर थे…!
एक स्ट्रेचर पर भारतीय संस्कृति कोमा में पड़ी थी...
शायद उसे हार्ट अटैक पड़ गया था…!
दुसरे स्ट्रेचर पर पुरुषवाद घायल अवस्था में पड़ा था...!
उसे किसी ने सर पर गहरी चोट मारी थी…!
ये व्यंग उस ख़ास पुरुष वर्ग के लिए है जो खुद तो अश्लील व्यंग करना पसंद करते हैँ पर जहाँ महिलाओं कि बात आती हैं वहाँ संस्कृति कि दुहाई देते फिरते हैं…!
आदर पाने के लिए आदर दीजिये
महिलाओं का मजाक बनाना बंद कीजिए । 
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जीवन” का नवीन अर्थ - पिज्जा


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--------------------पिज्जा------------------------
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पत्नी ने कहा - आज धोने के लिए ज्यादा कपड़े मत निकालना…
पति- क्यों??
उसने कहा..- अपनी काम वाली बाई दो दिन नहीं आएगी…
पति- क्यों??
पत्नी- गणपति के लिए अपने नाती से मिलने बेटी के यहाँ जा रही है, बोली थी…
पति- ठीक है, अधिक कपड़े नहीं निकालता…
पत्नी- और हाँ!!! गणपति के लिए पाँच सौ रूपए दे दूँ उसे? त्यौहार का बोनस..
पति- क्यों? अभी दिवाली आ ही रही है, तब दे देंगे…
पत्नी- अरे नहीं बाबा!! गरीब है बेचारी, बेटी-नाती के यहाँ जा रही है, तो उसे भी अच्छा लगेगा… और इस महँगाई के दौर में उसकी पगार से त्यौहार कैसे मनाएगी बेचारी!!
पति- तुम भी ना… जरूरत से ज्यादा ही भावुक हो जाती हो…
पत्नी- अरे नहीं… चिंता मत करो… मैं आज का पिज्जा खाने का कार्यक्रम रद्द कर देती हूँ… खामख्वाहपाँच सौ रूपए उड़ जाएँगे, बासी पाव के उन आठ टुकड़ों के पीछे…
पति- वा, वा… क्या कहने!! हमारे मुँह से पिज्जा छीनकर बाई की थाली में??
तीन दिन बाद… पोंछा लगाती हुई कामवाली बाई से पति ने पूछा...
पति- क्या बाई?, कैसी रही छुट्टी?
बाई- बहुत बढ़िया हुई साहब… दीदी ने पाँच सौ रूपए दिए थे ना.. त्यौहार का बोनस..
पति- तो जा आई बेटी के यहाँ…मिल ली अपने नाती से…?
बाई- हाँ साब… मजा आया, दो दिन में 500 रूपए खर्च कर दिए…
पति- अच्छा!! मतलब क्या किया 500 रूपए का??

बाई- नाती के लिए 150 रूपए का शर्ट, 40 रूपए की गुड़िया, बेटी को 50 रूपए के पेढे लिए, 50 रूपए के पेढे मंदिर में प्रसाद चढ़ाया, 60 रूपए किराए के लग गए.. 25 रूपए की चूड़ियाँ बेटी के लिए और जमाई के लिए 50 रूपए का बेल्ट लिया अच्छा सा… बचे हुए 75 रूपए नाती को दे दिए कॉपी-पेन्सिल खरीदने के लिए… झाड़ू-पोंछा करते हुए पूरा हिसाब उसकी ज़बान पर रटा हुआ था…

पति- 500 रूपए में इतना कुछ???

वह आश्चर्य से मन ही मन विचार करने लगा...उसकी आँखों के सामने आठ टुकड़े किया हुआ बड़ा सा पिज्ज़ा घूमने लगा, एक-एक टुकड़ा उसके दिमाग में हथौड़ा मारने लगा… अपने एक पिज्जा के खर्च की तुलना वह कामवाली बाई के त्यौहारी खर्च से करने लगा… पहला टुकड़ा बच्चे की ड्रेस का, दूसरा टुकड़ा पेढे का, तीसरा टुकड़ा मंदिर का प्रसाद, चौथा किराए का, पाँचवाँ गुड़िया का, छठवां टुकड़ा चूडियों का, सातवाँ जमाई के बेल्ट का और आठवाँ टुकड़ा बच्चे की कॉपी-पेन्सिल का..आज तक उसने हमेशा पिज्जा की एक ही बाजू देखी थी, कभी पलटाकर नहीं देखा था कि पिज्जा पीछे से कैसा दिखता है… लेकिन आज कामवाली बाई ने उसे पिज्जा की दूसरी बाजू दिखा दी थी… पिज्जा के आठ टुकड़े उसे जीवन का अर्थ समझा गए थे… “जीवन के लिए खर्च” या “खर्च के लिए
जीवन” का नवीन अर्थ एक झटके में उसे समझ आ गया…

Source - facebook

अरी तूने तो मेरा धर्म भ्रष्ट कर दिया.....



एक दिन पंडित को प्यास लगी, संयोगवश घर में पानी नही था इसलिए उसकी पत्नी पडोस से पानी ले आई,  पानी पीकर पंडित ने पूछा....

पंडित - कहाँ से लायी हो बहुत ठंडा पानी है I

पत्नी - पडोस के कुम्हार के घर से ,
 (पंडित ने यह सुनकर लोटा फैंक दिया और उसके तेवर चढ़ गए वह जोर जोर से चीखने लगा )

पंडित - अरी तूने तो मेरा धर्म भ्रष्ट कर दिया, कुंभार ( शुद्र ) के घर का पानी पिला दिया। पत्नी भय से थर-थर कांपने लगी, उसने पण्डित से माफ़ी मांग ली
पत्नी - अब ऐसी भूल नही होगी। शाम को पण्डित जब खाना खाने बैठा तो घरमे खानेके लिए कुछ नहीं था.

पंडित - रोटी नहीं बनाई. भाजी
नहीं बनाई.

पत्नी - बनायी तो थी लेकिन अनाज पैदा करनेवाला कुणबी(शुद्र) था. और जिस कढ़ाई में बनाया था वो लोहार (शुद्र) के घर से आई थी। सब फेक दिया.

पण्डित - तू पगली है क्या कही अनाज और कढ़ाई में भी छुत होती है? यह कह कर पण्डित बोला की पानी तो ले आओ I

पत्नी - पानी तो नही है जीI

पण्डित - घड़े कहाँ गए हैI

पत्नी - वो तो मेने फैंक दिए क्योंकि कुम्हार के हाथ से बने थेI पंडित बोला दूध ही ले आओ वही पीलूँगा I
पत्नी - दूध भी फैंक दिया जी क्योंकि गाय को जिस नौकर ने दुहा था वो तो नीची (शुद्र) जाति से था न I

पंडित- हद कर दी तूने तो यह भी नही जानती की दूध में छूत नही लगती है I

पत्नी-यह कैसी छूत है जी जो पानी में तो लगती है, परन्तु दूध में नही लगती। पंडित के मन में आया कि दीवार से सर फोड़ ले। गुर्रा कर बोला - तूने मुझे चौपट कर दिया है जा अब आंगन में खाट डाल दे मुझे अब नींद आ रही है I

पत्नी- खाट! उसे तो मैने तोड़ कर फैंक दिया है क्योंकि उसे शुद्र (सुतार ) जात वाले ने बनाया था.

पंडित चीखा - ओ फुलो का हार लाओ भगवन को चढ़ाऊंगा ताकि तेरी अक्ल ठिकाने आये.

पत्नी- फेक दिया उसे माली(शुद्र) जाती ने बनाया था.

पंडित चीखा- सब में आग लगा दो, घर में कुछ बचा भी हैं या नहीं.
पत्नी - हाँ यह घर बचा है, इसे अभी तोडना बाकी है क्योंकि इसे भी तो पिछड़ी जाति के मजदूरों ने बनाया है I पंडित के पास कोई जबाब नही था .

उसकी अक्ल तो ठिकाने आयी बाकी लोगोकी भी आ जायेगी सिर्फ
इस कहानी आगे फॉरवर्ड करो हो सके देश मे जाती वाद खत्म हो जाये
Source - FACEBOOK

Some kids talking about what they think religion is!!! What does it mean to you?

The word religion is a very complex term. What does it mean to you? Something that decides the traditions you should follow? Something that decides your values?
There are many people who discriminate on the basis of religion; But if the very basis of religion is to unite people, then don’t you think that something is wrong with the way religion is perceived and effectuated in real life? That it is in fact dividing people and creating wars than actually bringing about peace and a sense of family?
This heart-touching video by BeingIndian shows some kids talking about what they think religion is, and what it means to them.

“Religion is not so special. Everybody is the same.”
“Religion was made by man, not God.”
“I have friends from almost all religions.”

I am glad these kids are the voices of tomorrow!
Source - story pick

He Was Staring At His Junior Colleague’s Breasts. But How She Taught Him A Lesson Is Just Plain Epic

The problem with “some men” (not all men) is that they just can’t stop staring. A woman’s breasts or her back or her face or her legs, these men want to stare it all.
In this brilliant video by PuraniDiliTalkies, this man was staring at the breasts of his junior colleague but she wasn’t going to take this nonsense. She decided to teach him a lesson, and how!
Source -  Youth Connect

This Man Explaining Why He Stopped Watching Pοrn Is Going To Make You Want To Stop Watching Pοrn.

Everyone watches pοrn, but the question is: should we?

Tel Aviv based Ran Gavrieli delivered this TEDx Talk where he explained why he stopped watching pοrn. Gavrieli studies gender and sex, and in this talk, he tries to provide a very insightful explanation as to how pοrn is not only bad for the people who watch it, but is also sometimes a matter of life and death for those women who try to take a shot at a career in the pοrn industry.

Calling pοrn nothing but prostitution by video, he cites that with every pοrn star who manages to get a “good contract”, there are thousands of other struggling pοrn professionals who do not survive in the industry. He adds how people, the society – you and I, would not mind sitting at the same dining table with a person who has sought services from a prostitute, but we will never share a table with a prostitute.

Gavrieli puts into perspective the demand-supply phenomenon, saying that if one was to demand for an old black woman’s video, then there is going to be an old black woman somewhere who will be solicited for working in the pοrn industry; if we were to demand pοrn, there will be people who will either volunteer, or be forced into the pοrn industry, in order to create more pοrnography.

“Pοrn is not an embodiment of freedom of speech, freedom of occupation, blah blah blah… but it’s an embodiment of sex exploitation, working side by side with human trafficking, pimping, solicitation.”

Most importantly, Gavrieli highlighted how pοrn had no interest in capturing the emotional and sensual aspects of sex, but it was just sex without hands involved, focusing only on penetration.

The internet is accessible everywhere today, especially in the developed world and urban developing worlds, giving full access to pοrnography even to 12-year-old boys. What pοrn teaches them is that unless you have a large penis and an eternal erection, you’re not good enough. What pοrn teaches these boys is that hands have no role to play in sex, and by all means, sex is more or less a male-dominated activity.

He added that the impact of pοrnography on girls is no less. “Pοrn has been creating a mindset that if you want to be worthy of love, you have to be worthy of sexual desire, and these days: worthy of sexual desire almost equals being like a pοrn star.”

What will these boys and girls learn from pοrnography? How will things like cuddling, caressing, touching, kissing and hugging be of importance to to these children when they grow up?

Forget children, what about people both young and old who access pοrn today and develop various unreasonable and aggressive psychological expectations by watching such imagery and videos?

Most of the prostitutes, sex workers, and pοrn stars die either due to drug overdose, sexually-transmitted diseases, or are murdered by a pimp, family or boyfriend; some commit suicide. And each year, we lose a thousand such women.

It is a fact – as long as there is a demand, there will be supply.

So watch this video, and ask yourself: is watching pοrn really that important? Hell, is it any fun?
Source  -  Youth Connect 

आप क्या करेंगे???? ..... आप एक कसबे में रहते हैं, मोटरसाइकिल से ....

एक बार ध्यान से पढ़ें आप सभी से अनुरोध है....... ईमानदार Doctors (यदि कोई हो तो) पे नहीं है ये टिप्पणी..

कृपया वे अन्यथा न लेंऔर आहत न हों।
(सन्देश को उदाहरण के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है क्रप्या अपने पर न लें। )

आप एक कसबे में रहते हैं, मोटरसाइकिल से कही जा रहे थे, एक्सीडेंट हो गया, चोट लग गयी।..
अस्पताल 2 km दूर है, बगल से एक ऑटो रिक्शा वाला जा रहा है। अस्पताल 2 km दूर है ऑटो वाला कहता है 2000 रु
लूँगा पहले, तब छोडूंगा अस्पताल तक..
आप क्या करेंगे??

मान लीजिये आपने मना कर दिया दूसरा ऑटो वाला आ गया, वो बोला चलो मैं 1000 में छोड़ देता हूँ।
पहला ऑटो वाला उस से भिड गया.. साले मेरी सवारी खराब कर रहा है, रेट बिगाड़ रहा है। दूसरा ऑटो वाला डर के भाग
गया.. आप क्या करेंगे ????
चलो इसे छोडिये अब.. ये सिर्फ समझाने के लिये था। असली मुद्धे पर आते है।
आपके पिता जी को "हार्ट अटैक" हो गया.. डॉक्टर कहता है Streptokinase इंजेक्शन ले के आओ..9000 रु का.... इंजेक्शन
की असली कीमत 700 - 900 रु के बीच है पर उसपे MRP 9000 का है। आपक्या करेंगे????
आपके बेटे को टाइफाइड हो गया. डॉक्टर ने लिख दिया कुल 14 Monocef लगेंगे। होलसेल दाम 25रु है. अस्पताल का केमिस्ट आपको 53 रु में देता है.. आप क्या करेंगे??
आपकी माँ की किडनी फेल हो गयी है. हर तीसरे दिन Dialysis होता है.. Dialysis के बाद एक इंजेक्शन लगता है ( नाम मुझे मालूम नहीं ) MRP शायद 1800 रु है। आप सोचते हैं की बाज़ार से होलसेल मार्किट से ले लेता हूँ। पूरा हिन्दुस्तान आप खोज मारते हैं, कही नहीं मिलता.... क्यों ?
कम्पनी सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर को सप्लाई देती है। इंजेक्शन की असली कीमत 500 है पर डॉक्टर अपने
अस्पताल में MRP पे यानि 1800 में देता है.... आप क्या करेंगे ??
आपके बेटे को इन्फेक्शन हो गया है. डॉक्टर
ने जो Antibiotic लिखी वो 540 रु का एक पत्ता है. वही salt किसी दूसरी कम्पनी का 150 का है और जेनेरिक 45 रु का....
पर केमिस्ट आपको मना कर देता है... नहीं जेनेरिक हम रखते ही नहीं, दूसरी कम्पनी की देंगे नहीं.. वही देंगे जो डॉक्टर साहब ने लिखी है यानी 540 वाली? आप क्या करेंगे??
बाज़ार में Ultrasound 750 रु में होता है. चैरिटेबल डिस्पेंसरी 240 रु में करती है।
750 में डॉक्टर का कमीशन 300 रु है। MRI में डॉक्टर का कमीशन 2000 से 3000 के बीच है।
डॉक्टर और अस्पतालों की ये लूट, ये नंगा नाच बेधड़क बेखौफ्फ़ देश में चल रहा है।
Pharmaceutical कम्पनियों की lobby इतनी मज़बूत है की उसने देश को सीधे सीधे बंधक बना रखा है।
स्वास्थय मंत्रालय और सरकार एकदम लाचार है। डॉक्टर्स और दवा कम्पनियां मिली हुई हैं। दोनों मिल के सरकार को ब्लैकमेल करते हैं.. सरकार पूरी तरह लाचार है ? या नकारा ?
यक्ष प्रश्न.. मीडिया दिन रात रोजा और रोटी दिखाता है,
लाल किताब बेचता है,
समोसे के साथ बाबा जी की हरी चटनी, सास बहू और साज़िश, सावधान, क्राइम रिपोर्ट,  राखी सावंत, Bigboss, Cricketar की Girlfriend, बिना ड्राईवर की कार,  गड्ढे में गिरा प्रिंस.. सब दिखाता है.....
पर
Doctors, Hospitals और  Pharmaceutical कम्पनियों की ये लूट क्यों नहीं दिखाता??
मीडिया नहीं दिखाएगा तो कौन दिखाएगा??
मेडिकल lobby की दादागिरी कैसे रुकेगी??
इस lobby ने सरकार को लाचार कर रखा है। media क्यों चुप है ?
क्या मीडिया को भी खरीद लिया है फार्म कंपनी ने ??
2000 रु मांगने वाले ऑटो वाले को तो आप कालर पकड़ के मारेंगे चार झापड़...
डॉक्टर साहब का क्या करेंगे??????
🚩🚩🚩🚩

यदि आपको ये सत्य लगता है तो ठोको ताली ।
और करदो फ़ॉरवर्ड सबको ।।।।
जागरूकता लाइए और दूसरों को भी जागरूक बनाने में अपना सहयोग दीजिये। धन्यवाद 
Its very necessary to stop commercialisaton of medical field
Jb se medical field me non professional log jude hai tb se iska aur jyada exploitation hua hai.

I cannot wait to travel the world with you and to have endless conversations with you


To my dearest future husband,

This might sound uncanny, surreal even, but I need to let you in on who I am, and that is why I am writing this letter to you.

Do you want to know a secret? I have been waiting for you since I was 5. Funny, isn’t it, that I don’t know who you are or what you look like or how you like your tea, but here I am, opening myself to you. I am taking the first step.

I have a lot of things on my mind and I cannot decide to which I should get first. This is exactly like the time when I couldn’t decide between the black dress and the blue one, also like the time when I was torn between letting my hair down and tying it up in a bun. The thing is, I am confused about a lot of things, starting from what I want for dinner to what I want to do when I retire. I’ve lived with that confusion all my life. When I get super confused, don’t panic, it will pass. I will go through a lot of phases during the day. Some of them are extremely entertaining, some are extremely difficult. The only thing I am sure of, the only constant phase I’ll have is you.

A marriage based on mutual decisions is sure to be smooth. So far, I have made my own decisions. I have made some good calls and some bad calls. We have so much to learn from each other; I want to debate endlessly on silly things and I want to debate about life issues, but I know that by the end of these debates, we’ll always find a solution with which both of us are happy, more or less. I want us to be a couple who respects each other’s decisions, each other’s independence and cherishes each other as individuals.

I know that just like me, you are scared too. I am a girl who likes her freedom and likes to make her own decisions. Our society will tell you that a person like that will never care for your family, that I will never make an effort to fulfil your dreams. Don’t believe them. I promise to love your family as much as I love mine. I want us to fulfil each other’s dreams as well as our own dreams, together.
I am rather hopeful, for it’s going to be fun when the two of us work and both of us wash the dishes and do the laundry and eat ice cream on the couch, dressed in our pajamas and go to bed together.

There will be times when I will have a bad day and start doubting myself. When something like that happens, will you sit down with me and hold me close? For all I need at such times is acceptance and understanding. I am talkative one moment and angry another, I am shy and I am naughty, I like to be pampered but sometimes, I like to sit alone and read or write something in my journal, and it may so happen that you’d find that behavior a little distant. But know that it’s my way of reflecting upon life and indulging in some alone time. I will obviously love the things we’ll do together; in fact I am really looking forward to that time, but I come with my set of quirks – some of them you may like and some you won’t. Will you accept me and love me for who I am?

People have different ideas about what they want from life. You will have your own idea of how your life should be, and I have mine. I happen to love my work. That does not mean that I will not take care of the house or you. I will. I am rather hopeful, for it’s going to be fun when the two of us work and both of us wash the dishes and do the laundry and eat ice cream on the couch, dressed in our pyjamas and go to bed together. I plan to balance my professional life and my personal life, with a little support from your side. I want to be a source of support for you because I do not believe that it is only a man’s duty to earn. We are partners in everything, right?

I have my set of insecurities, you know. I will cry over a silly remark that someone made or crib about my weight and constantly wonder if I am going to do something remarkable in life or not. You see, I am unsure of too many things, and when you live with me, you will know all about them. I want to know your insecurities too. I am keen on talking about everything and I wish you’d do the same. I can’t wait to be reassured, and I am waiting to reassure you.

All my life, I have been told that the boy you marry will have his demands, his dreams, and his ideas about the type of life that you are to lead with him. I want you to know that I am willing to make my share of sacrifices. I have my dreams too, my demands and I know that when we talk to each other, we’ll figure out a way to walk side by side on this road. Maybe we can do something really impulsive and enjoy it. Who says we have to live by the rules and ideas that the society has about marriage?

I also promise to be honest with you and to share all my doubts, all my problems with you. I am a person who talks a lot about herself, so there is no way that you cannot know things about me. I want to be an open book for you. As I have noticed, the key to a good marriage is conversation. I want to keep talking to you, to keep sharing and teasing. I want us to discuss our problems and not keep them locked up inside. If we know what is going wrong, only then we can sort it out, right?

I cannot wait to wake up to you every morning; to make breakfast for you and to hand you your towel when you forget it before you shower; I cannot wait to travel the world with you and to have endless conversations with you; I cannot wait to tell you the stories that I’ve read; I cannot wait to write poems about you, for you; I cannot wait to be your best friend. I want us to be fond of our routines, of our kids, I want us to fight and make up, I want us to be an old couple who are so crazy about each other that they do not need any other sort of 


Of course, I will never impose myself on you. I have a feeling that when you finally meet me, we will figure out what we want, how we want it, and together, we will make this marriage work. Till then, I’ll be waiting for you.

Your loving wife

Source - Youth connect -  http://www.youthconnectmag.com/2014/08/29/letter-to-future-husband/

चार निकाह की इजाज़त तब थी जब जंग में पुरुष मारा जाता था और स्त्रियाँ अकेली रह जाती थी.



मुस्लिम मर्द या तो चार निकाह के कान्स्पेट को विधवा, गरीब,बेसहारा,यतीम और ज़रूरतमंद स्त्रियों के इस्लामिक अवधारणा तक सीमित करें या फिर चार निकाह करना बंद करें. यौन आकांक्षाओं के लिए कम उम्र की लड़कियों से शादी करके मुसलमानों को बदनाम करने वालों के खिलाफ मुसलमानों को बोलना पड़ेगा. चार निकाह की इजाज़त तब थी जब जंग में पुरुष मारा जाता था और स्त्रियाँ अकेली रह जाती थी. तब का अरब समाज कैसा था यह किसी से छुपा नहीं है. ऐसे में शादी करके घर लाना ,संपत्ति में हक़ देना , मुहब्बत , आदि बराबरी का ही रूप था लेकिन अब ऐसा नहीं दिखता. ज़्यादातर दूसरी शादी लड़का पैदा करने , खुबसूरत और कम उम्र की लड़की से सेक्स करने के लिए की जा रही है. और मर्द ,इसे इस्लाम के नाम पर कर रहा है. रोक लगाई. ये मत कहियेगा की लोग नहीं करते . दुनिया बहुत बड़ी है . खूब करते हैं . फतवा निकलवाइये . शरिया बदलवाइए. टाईट कीजिए नियम .
Source - Mohammad Anas - Facebook Post

Nai nai, aao rape karo..This Thought-Provoking Video Asks You To Rape. What Will You Do?

‘Poetry is language at its most distilled and most powerful.’

Putting into words strong ideas and powerful emotions is not an easy task, but perhaps it is the most effective form of expression, an art, if you will. Words have the power to sting and to soothe, to cut and to nurse, to wound deep, and to heal just as thoroughly.

“Rape Karo” is a passionate, compelling poem issued in public interest by Active Illusions. It deals with the subject of rape in a scathing, painfully honest manner. It shames the society at large for the ever growing menace of treating women as pieces of meat and considering them as nothing but sex objects. It talks about various factors like lust, frustration and anger that lead up to crimes against women.

This video is a thought-provoking take on how we treat our women.

This is how it feels to be one of them.
Source - http://www.youthconnectmag.com/2015/01/15/rape-karo/

This is natural - GOD GIFTED - NO ONE CAN CHANGE THIS TRUTH - First Indian Lesbian Wedding



It was love at first sight for Shannon and Seema who met each other for the first time at a fitness class six years ago in the US. Now, they have decided to tie the knot in a spectacular wedding.This was the first Indian lesbian wedding to have taken place in America. The vibrant and intimate pictures of the wedding show they both are in deeply love.



Shannon said that, for her at least, it was love at first sight when they first met at a boot camp fitness class which she was teaching.

In keeping with Hindu tradition, Seema was carried into her wedding on a Doli by her family.Their traditional Indian ceremony featured many ancient traditions, including a traditional interpretation of ‘tying the knot’. Shannon and Seema also exchanged rings.
Source - the logical indian - http://thelogicalindian.com/news/first-indian-lesbian-wedding/

Human rights ??

Power to the woman!
It’s true that violence against women didn’t start at the cinema and it won’t end there. Which is why, while we challenge how women are framed in popular culture, our campaign also aims to confront the attitudes and underlying values at the level of the family, the school, the workplace that make this violence possible.

Watch “UNCENSORED”, pass it on, and do sign our petition to the Censor Board at http://www.FrameHerRight.org

Source - Uncensored - Frame Her Right

ROKO MAT ..TOKO MAT.. Bachpan se badi koi school nahi. Curiosity se badi koi teacher nahi

Source - Parle-G New Official TVC - You Tube

You don't need to be a MAN to be a MARD

Two men were harassing a girl in broad daylight. Then they were taught a lesson - and how! gasp 

Watch

Sometimes, all it takes is the willingess to stand up for what's right. Like these boys.

TO BE A MARD - MEN AGAINST RAPE & DISCRIMINATION

SEX......haaaaaawwwwww...............YE SHABD MAINE LIKHNE KI HIMMAT KAISE KARLI?? VO BHI KHULEAAM

"You are born of sex. Your every body cell is a sex cell, all your energy is sex energy. So if religions teach that sex is bad, sex is sin, they have condemned you completely. And not only have they condemned you, now you will condemn yourself. Now you cannot go beyond it and you cannot leave it, and now it is a sin. You are divided; you start fighting with yourself. And the more this guilt can be created in you – over the concept that sex is something unholy – the more neurotic you will become."
Source - facebook

SEX IS NOT A CRIME...RAPE IS  A CRIME

One of the shortest short film with a power full message delivered - Sometimes just one step is all what you need to take.


SOURCE - Desinema

Note by Geetanjali - LADKE jo help kare is ek FIRST STEPS se unhe LADKIYO ke taraf se bahut saara thanx..

NOTHING IS IMPOSSIBLE - This Is A Perfect Example Of ‘Chasing Passion’ By A Roadside Chaiwala In Delhi !!

Pehle jab sunti thi..ki nothing is IMPOSSIBLE...to lagta tha..ye sab kehne ki baate hai..par Is Saal jo bhi ho raha hai..usse mujhe feel ho raha hai andar se..ki sach me...NOTHING IS IMPOSSIBLE

A truly inspiring story of how passion transcends everything. !!


This Is A Perfect Example Of ‘Chasing Passion’ By A Roadside Chaiwala In Delhi !!

Laxman Rao is a Chaiwala by profession but his heart lies in literature. Although he sells tea along roadside of ITO area in Delhi, he has penned down more than 20 novels and plays. Rejected by publishers, he started self publishing & distributing books.

A truly inspiring story of how passion transcends everything.

Go chase yours.


Thanks to Akhil Verma for sharing this wonderful video with us !!

कट्टर हिंदू हो?

ठीक है, यह गर्व की बात है! मैं सहमत हूँ.... परंतु फिर कट्टर हो कर अपने हिंदू धर्म का पालन भी तो करो... ईश्वर की स्तुति करो,,, दान-पुण्य करो,,,, तीर्थाटन करो,,,, यदि 'शैव' या 'वैष्णव' हो तो माँस-मदिरा का त्याग भी करो,,,, श्रीमद् भागवत'गीता' का प्रसार करो... इत्यादि इत्यादि
पर यार उसमें ये मस्जिदों से और मुसलमानों से होड़ लेने का तुम्हारा क्या तुक है ? छोड़ों परे,,,,, वो जो करें, उन्हें करने दो ! हमें क्या प्रॉब्लम है, क्या वो नमाज़ पढ़ने हमारे घरों में या मंदिरों में आ रहे हैं?
आज के युग में फेसबुक और त्वरित प्रचार माध्यमों से लोगों के दिमाग़ में ज़हर भर देना बड़ा आसान होता है,,,, और हम भारतीय लोग भड़क भी जल्दी जाते हैं.. पर उन्हीं दिमाग़ों से ज़हर को बाहर निकालने में बरसों लगते हैं, यकीन न हो तो कभी कोशिश करके देखना
"खता लम्हे करते हैं,,,, और सज़ा सदियों को मिलती है" मत करो घृणा किसी से
कर भला हो भला! अंत भले का भला-आपका शान रंगरेज़

Share My Dabba - A small sticker trying to make a difference - कृपा खाना फेके नहीं..

WATCH HERE - https://www.youtube.com/watch?v=EZC1czZofyY

Share My Dabba is an initiative to get food left uneaten in dabbas to hungry street children, using just a Share sticker and the dabbawala network.

Source-Abhinav Tripathi

RAPE HOTA HAI ... TO KAISA LAGTA HAI?

In this spine-chilling video by Varun Pruthi, watch how three hijras taught a lesson to a drunk man who first: teased a girl along with his friend; and then tried to rape her.

Source - youthconnect mag

Dosti / Friendhip ka asli matlab/meaning kya hai - मित्र किसे कहते है ??

कल्याण मित्र वही है, जो तुम्हारे भीतर की मनःस्थिति को बदलने में सहयोगी हो जाता है। और यह तभी संभव है, जब वह तुमसे उपर हो, उत्तम पुरुष हो। यह तभी संभव है जब वह तुमसे आगे गया हो। जो तुमसे आगे नहीं गया है, वह तुम्हें कहीं ले जा न सकेगा। आगे ले जाने की बातें भी करे तो भी तुम्हें नीचे ले जाएगा।मैं तुम्हें बुद्ध की बात संक्षिप्त में कह दूं। बुद्ध कहते हैं:- न कोई गुरु है, न कोई शिष्य है। और मैं तुम्हारा गुरु और तुम मेरे शिष्य! मेरे पास सिखाने को कुछ भी नहीं हैं, और आओ, मैं तुम्हें सिखाऊं। गुरु की कोई जरूरत नहीं है, और आओ, मेरा सहारा ले लो। यह सर्वांगीण सत्य है, क्योंकि दोनों बातें इसमें आ गईं। इसमें गुरु-शिष्य भी आ गए, और गुरुता भी नहीं आई और शिष्य का अपूर्व नाता भी आ गया और नाता मोह भी नहीं बना। वह अंतरंग संबंध भी निर्मित हो गया, लेकिन उस अंतरंग संबंध में कोई गांठ नहीं पड़ी, कारागृह नहीं बना....
SOURCE - Dhiraj Bharti - Facebook 

विवाह के केंद्र पर खड़ा कर दिया है, प्रेम के केंद्र पर नहीं

हमने सारे परिवार को विवाह के केंद्र पर खड़ा कर दिया है, प्रेम के केंद्र पर नहीं। हमने यह मान रखा है कि विवाह कर देने से दो व्‍यक्‍ति प्रेम की दुनिया में उतर जाएंगे। अद्भुत झूठी बात है, और पांच हजार वर्षों में भी हमको इसका ख्‍याल नहीं आ सका है। हम अद्भुत अंधे हैं। दो आदमियों के हाथ बांध देने से प्रेम के पैदा हो जाने की कोई जरूरत नहीं है। कोई अनिवार्यता नहीं है बल्‍कि सच्‍चाई यह है कि जो लोग बंधा हुआ अनुभव करते हैं, वे आपस में प्रेम कभी नहीं कर सकते।
Source - Dhiraj Bharti - Facebook

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